उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले के बहेड़ी में दिल दहलाने वाली घटना

by Manzoor Haider

बहेड़ी के ग्राम सिमरा के पास किच्छा नदी किनारे 3 मुस्लिम नौजवानों मोहम्मद ज़ैद(ज़ैनुल) ,सैयद औसाफ़ व ज़ामिन अली के शव मिलने से इलाके में गमगीन का माहौल और उनके घरों में मातम छाया

6 जुलाई दिन मंगलवार को तीनों दोस्त बाइक से घूमने के लिए निकले थे, शाम तक घर वापिस ना आने पर परिवार वालों चिन्ता में आ गये, इस बात की शिकायत नजदीकी पुलिस स्टेशन में की पुलिस ने गुमशुदी की रिर्पोट दर्ज करली थी, दिन भर और रात भर ढूंढने के बाद अगले दिन सुबह में जब स्थानीय लोग खेत पर काम करने गए तो वहां नदी के किनारे तीन शव बुरी तरह से ज़ख्मी हालत में मिले, इस बात की ख़बर जैसे ही परिवार वालों और इलाके में फैली, लोग सदमे में आ गये, घर में मातम छा गया दहशत भरा माहोल इलाके में छा गया।
इसकी सूचना पुलिस प्रशसन को दी गई, पुलिस प्रशसन मौके पर पहुंच कर शवों को बरामद कर लिया और कुछ समान शव के पास से बरामद किया था।

पुलिस के अनुसार बच्चों की मौत पानी में डूबने से हुई है। हालाकि इस बात की अभी पुष्टि नहीं हुई है। ना ही इसका कोई ऑथेंटिक रीज़न है पुलिस के पास।
परिवार वालों की तरफ़ से और स्थानीय लोगों के अनुसार इस घटना को हत्या बताया जा रहा है। उसकी वजह यह है कि जो बात पुलिस के आलाधिकारी कह रहे है। वह बात अपने आप में सवालों के घेरे में है? जो नदी का पानी घुटनों तक नहीं उसमें नौजवान कैसे डूब सकतें हैं।
तीनों नौजवानों के शव बुरी तरह से ज़ख्मी थे कान नाक और मुंह से खून बह रहा था। गर्दन मूढ़ी हुई थी।
हालांकि मृतक औसाफ के पिता का कहना है कि तीनों लड़के निर्दोष थे। और किसी साज़िश के तहत मारे गये हैं। अब हमे कुछ नहीं करना है हमारा बेटा वापिस तो नहीं आजायेगा। औसाफ के पिता खुद स्थानीय पत्रकार है।

वहीं जामिन के भाई से बात हुईं उन्होंने इस बात के बारे तफसील से बताया और कहा की हमें हत्या का शक है पुलिस इसमें हमरी किसी तरह की कोई मदद नहीं कर रही है हमारा भाई निर्दोष मारा गया है।

वही व्यापारियों ने दुकानें बन्द करके जताया दुःख और इस घटना के खुलासे और इंसाफ की मांग की।

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