गाजियाबाद में मॉब लिंचिंग के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने बाब_ऐ_सय्यद पर दिया धरना

अलीगढ़: देश में लगातार हो रही मुस्लिमों की लिंचिंग के खिलाफ आज अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्रों ने डक पॉइंट से लेकर यूनिवर्सिटी के मुख्य द्वार बाब सय्यद तक मार्च निकाला!

पिछले दिनों गाजियाबाद के लोनी इलाके में एक 72 साला बुजुर्ग अब्दुल समद सैफी पर उनकी मुस्लिम पहचान की वजह से हमला हुआ था, जिसमें ना सिर्फ उन को बेरहमी से पीटा गया बल्कि उनको “जय श्री राम” का नारा लगाने पर मजबूर किया गया और उनकी दाढ़ी काट ली गई थी!

मुस्लिमों पर लगातार हो रहे जुल्म पर सरकार और प्रशासन की तरफ से इस पर उचित कारवाई ना होने पर छात्रों में नाराजगी थी, जिसको व्यक्त करने के लिए तमाम छात्र बाब- -सय्यद पर जमा हुए और राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला अधिकारी अलीगढ़ के माध्यम से भेजा।

•ज्ञापन में सुरक्षा एजेंसियों और राज्य की अन्य संस्थाओं की आपराधिक चुप्पी को लेकर सवाल उठाया गया, और यह मांग रखी गई कि न्याय और कानून व्यवस्था को बरकरार रखने में विफल उत्तर प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर दिया जाए।

•इसके अलावा मॉब लिंचिंग की बढ़ती घटनाओं को देखते हुये हर जिले में एक फास्ट_ट्रैक कोर्ट तथा मुस्लिम पर हो रहे शोषण के खिलाफ Sc-St एक्ट की तरह एक नए कानून की भी मांग की गई।

छात्र नेता फरहान जुबैरी ने इकठ्ठा हुऐ छात्रों को संबोधित करते हुए पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाया और कहा कि पुलिस इस केस की सच्चाई दबाने की कोशिश कर रही है, उन्होंने आगे कहा क्या हुआ अगर किसी मुस्लिम ने ही उनकी दाढ़ी काटी हो , तो उस पर भी करवाई की जाये, लेकिन इस की जांच बारीकी से की जाये, आगे उन्होंने कहा आदिल जिसको इस केस में फसाया जा रहा है उसके भाई ने ट्वीट करके बताया उसका भाई का इन सब से कोई लेना देना नही है, वो सिर्फ जिम चलाते है, जबकि उनका भाई घटना स्थल पर मौजूद ही नही था, और जिन लोगों ने उनकी दाढ़ी काटी है, और “जय श्रीराम” के नारे लगवायें हैं जैसा कि अब्दुल समद सैफी वीडियो में बताते हैं की जब उन्होंने जय श्रीराम का नारा नहीं बोला तब उन्हे मारा गया है। फरहान ज़ुबैरी ने इस केस को निष्पक्षता से साथ जांच करने की मांग रखी।

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के छात्र मिस्बा मिंटू ने बताया कि “प्रदेश में लिंचिंग की घटनाओं की भरमार सी हो गई है और ये घटनायें पहचान के आधार पर हो रही हैं”

वह आगे बताते हैं कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज के लोग खुद को सुरक्षित नहीं महसूस नहीं कर रहे हैं और इसको रोकने के लिए Sc_St एक्ट की तर्ज पर एक नये कानून लाने की सख्त जरूरत है।

अब्दुल समद के साथ हुई घटना में पुलिस ने अभी तक सिर्फ एक आरोपी प्रवेश गुर्जर को गिरफ्तार किया है और बाकी लोगों को पुलिस तलाश कर रही है, लेकिन अगर हम लिंचिंग के तमाम मामले को देखें तो न्याय की कोई उम्मीद नजर नहीं आती है।

Memorandum Given by AMU Students

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